शेयर बाजार में कभी-कभी एक सरकारी फैसला किसी डूबती कंपनी की तस्वीर ही बदल देता है। Vodafone Idea के साथ भी कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है। लंबे समय से कर्ज और AGR बकाया के बोझ से जूझ रही कंपनी को अब सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है। इसी राहत के बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CITI ने Vi के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए ₹15 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा Vodafone Idea share का भाव ₹11.26 के आसपास है, यानी करीब 33 प्रतिशत तक की संभावित तेजी।

AGR राहत क्या है और क्यों है इतनी अहम?
Vodafone Idea share के लिए सबसे बड़ी परेशानी उसका AGR यानी Adjusted Gross Revenue बकाया रहा है। सालों से यह मामला कंपनी की बैलेंस शीट पर तलवार बनकर लटका हुआ था। लेकिन अब Department of Telecommunications ने पेमेंट शेड्यूल को लेकर बड़ी नरमी दिखाई है।
सरकार ने कंपनी को बताया है कि मार्च 2026 से मार्च 2031 तक उसे हर साल AGR के तौर पर सिर्फ ₹124 करोड़ चुकाने होंगे। यह राशि पहले के मुकाबले बेहद कम है। इसके बाद मार्च 2035 तक यह सालाना पेमेंट और घटकर करीब ₹100 करोड़ रह जाएगी।
अभी भी कुल बकाया खत्म नहीं हुआ है, लेकिन उसे चुकाने का बोझ लंबी अवधि में बांट दिया गया है, जिससे कंपनी की नकदी स्थिति में बड़ा सुधार होगा।
कैश फ्लो में राहत से बदलेगा खेल
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि Vodafone Idea अब हर साल हजारों करोड़ रुपये बचा पाएगी। यही पैसा कंपनी अपने नेटवर्क सुधार, 4G विस्तार और 5G तैयारी में लगा सकती है। बाजार के जानकार मानते हैं कि AGR का दबाव कम होते ही कंपनी का ऑपरेशनल रिस्क भी घटेगा।
बैंक लोन और निवेश के रास्ते फिर खुलेंगे
CITI के एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार की इस स्पष्टता के बाद बैंकों का भरोसा Vodafone Idea पर लौट सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब कंपनी के लिए करीब ₹25,000 करोड़ तक का बैंक फंडिंग पैकेज जुटाना आसान हो सकता है। जब किसी कंपनी के ऊपर तत्काल भुगतान का खतरा नहीं होता, तो फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस भी उसे कर्ज देने में ज्यादा सहज होते हैं।
इक्विटी फंडिंग की संभावना
AGR राहत के बाद कंपनी के पास भविष्य में इक्विटी के जरिए भी पूंजी जुटाने का रास्ता खुल सकता है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि Vodafone Idea के बंद होने का डर फिलहाल काफी हद तक खत्म हो चुका है।
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Indus Towers के लिए भी राहत की खबर
Vodafone Idea की हालत सुधरने का असर सिर्फ उसी पर नहीं, बल्कि उससे जुड़ी दूसरी कंपनियों पर भी पड़ेगा। खास तौर पर Indus Towers के लिए यह राहत बेहद अहम मानी जा रही है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि Vi की वित्तीय स्थिति बेहतर होते ही Indus Towers को उसके पुराने बकाये समय पर मिलने लगेंगे।
डिविडेंड की वापसी की उम्मीद
अगर भुगतान व्यवस्था पटरी पर आती है, तो Indus Towers वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक दोबारा डिविडेंड देना शुरू कर सकती है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस
CITI ने Vodafone Idea के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹15 का टारगेट दिया है। मौजूदा ₹11.26 के भाव से यह करीब 33 प्रतिशत का अपसाइड दिखाता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि सरकार की करीब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी कंपनी के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच बन चुकी है।
31 दिसंबर को सरकार द्वारा ₹87,695 करोड़ के बकाये को 2030 के दशक तक टालने का फैसला भी Vi के लिए बड़ा सहारा बना था। अब AGR भुगतान का नया रोडमैप कंपनी को लंबे समय तक सांस लेने का मौका देता है।
आगे का भुगतान प्लान और निवेशकों के लिए संकेत
सरकार ने अंतिम चरण यानी मार्च 2036 से 2041 के बीच बचे हुए AGR बकाये को 6 बराबर किस्तों में चुकाने का विकल्प दिया है। इस फेज की राशि तय करने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसका फैसला अंतिम होगा। इसका मतलब यह है कि Vodafone Idea को अगले कई सालों तक स्थिरता के साथ काम करने का अवसर मिल गया है। Vodafone Idea के लिए यह दौर किसी Turning Point से कम नहीं है।
AGR राहत, संभावित बैंक लोन और सरकारी समर्थन ने निवेशकों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। हालांकि टेलीकॉम सेक्टर में जोखिम हमेशा रहता है, लेकिन जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ₹11 के आसपास Vodafone Idea share आने वाले समय में तेज रफ्तार दिखा सकता है। Source: ZBusiness
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